अमूल की सफलता-संक्षिप्त लेख

अमूल आज एशिया का सबसे बड़ा दूघ उत्पादन ब्रांड है एवं यह भारत के हर घर में जाना पहचाना नाम है। अमूल (खेड़ा जिला सहकारी दूध उत्पादक यूनियन लिमिटेड का ब्रांड नाम) का संचालन ‘गुजरात कोओपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन’ जिसकी स्थापना 1973 में की गई थी, के द्वारा किया जा रहा है। आज इसके 3.37 मिलियन सदस्य है जो रोजाना लगभग 15 मिलियन लीटर दूध अमूल को देते है।

भारत में अभी कूल 132 मिलियन टन (2013-14) प्रतिवर्ष दूध का उत्पादन होता है इसके वर्ष 2020तक 200 मिलियन मैट्रिक टन प्रतिवर्ष होने का अनुमान है इससे अमूल द्वारा मिल्क का प्रतिदिन संग्रह बदने की पूरी संभावना है।

NDDB ने भारत में मिल्क उत्पादन बढाने के लिए नेशनल डेयरी प्लान कार्यक्रम चलाया है जिसकी कूल लागत रूपए 18,000 करोड़ है। यह कार्यक्रम गुजरात के अलावा देश के कई राज्यों में चलाया जा रहा है।

अमूल की सफलता के पीछे इसकी उत्पादकों को अधिक से अधिक फायदा पहुचाने की नीति रही है। इसके तहत किसान, अमूल से, दूघ के कूल बाज़ार मूल्य का 80-85 % प्राप्त कर रहे है जो की बाकि कृषि उत्पादों से बहुत ज्यादा है। एवं फायदा (profit) सीधे उत्पादकों तक पहुचता है ।

अमूल मॉडल में दूध के खरीद मूल्य को दूघ उत्पादकों की राज्य स्तरीय संस्था गुजरात कोओपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन नियंत्रित किया जाता है। यदि बाज़ार में दूघ का उत्पादन खपत से ज्यादा है तो उसका पाउडर बना लिया जाता है जिसे बाद में उत्पादन में कमी होने पर फिर से दूध बनाने के काम में लिया जाता है । इससे दूघ का मूल्य स्थिर रहता है या ज्यादा निचे नहीं गिरता है । उत्पादकों को रोजाना उनके दूध की कीमत का भुगतान किया जाता है जिससे उत्पादक रोजमर्रा के खर्चे के लिए अन्य लोगों पर निर्भर नहीं रहता है ।

दूध विपणन एवं अमूल के प्रबंधन में उत्पादकों की भागीदारी रहती है जिससे उनका हित सुनिश्चित रहता है। फेडरेशन द्वारा उचित मूल्य पर उत्पादकों को पशु आहार, चारा, पशु स्वास्थ्य से सम्बंधित सेवाएँ उपलब्ध करायी जाती है ।

विलेज सोसाइटी (ग्राम सस्तरीय दूध उत्पादक संस्था) द्वारा उत्पादकों के हित के लिए कई कार्यक्रम चलाये जाते है जैसे दूध उत्पादन वृद्धि कार्यक्रम, पशु स्वास्थ्य वृद्धि कार्यक्रम, पशुपालक आजीविका संवर्धन कार्यक्रम, पशुपालक के बच्चों के लिए शिक्षा इत्यादि ।

इन सबके अलावा भी कई बहुत सी सुविधाए उत्पादकों को अमूल द्वारा दी जाती है जिससे उनका  विश्वास अमूल में निरतंर बना रहता है एवं अमूल निरंतर विकास के पथ पर चल रही है ।

Source:

www.nddb.org

http://www.freepressjournal.in/r-n-bhaskar-relevance-of-amul-in-indias-page-part-2/746598

http://www.freepressjournal.in/rn-bhaskar-relevance-of-amul-in-indias-page-part-1/742104

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